share your concerns : INFOPOWER - as information seeker / JAGO GRAHAK - as consumer / Voters Forum - as voter / MANAK - as citizen / Loud Thinking - on corruption
My other blogs - hasya-vyang / Kavya Kunj / Pragati Blog / Pragati Parichay / Sab Ka Malik Ek hai / Tasvir Bolti Hai / Kishu-Sia Ki Duniya
___________________________________________________________________________________
India Against Corruption - A Jan Lokpal Bill has been designed which has strong measures to bring all corrupt people to book. Join the cause and fight to force politicians to implement this powerful bill as an act in the parliament.
Showing posts with label rail accident. Show all posts
Showing posts with label rail accident. Show all posts

Thursday, August 07, 2008

रेल में मौत के लिए कौन जिम्मेदार?

एक रेल के डिब्बों में आग लग गई और बहुत से निर्दोष नागरिक मारे गए. कौन जिम्मेदार है इसके लिए? दिल्ली के उपहार सिनेमा में लगी आग पर अदालत ने जो निर्णय दिया है, उसके अनुसार रेल मंत्री लालू प्रसाद दोषी हैं. उन पर उपहार के मालिकों की तरह मुकदमा चलना चाहिए.

यह रेल दुर्घटना दोनों टाली जा सकती थी. यात्रियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कंपनियां आज कल अन्तर-राष्ट्रिय मानकों के अनुसार मेनेजमेंट सिस्टम्स लगाती हैं. रेल मंत्रालय को यह सिस्टम्स अपने यहाँ लगाने आवश्यक थे,पर उन्होंने नहीं लगाए. इन सिस्टम्स को लगाने का निर्णय कंपनी के प्रमुख द्बारा लिया जाता है. रेल कम्पनी के प्रमुख लालू प्रसाद हैं. इस सिस्टम में, रेल यात्रा के दौरान जितनी भी संभावित रिस्क हो सकती हैं उनका आंकलन किया जाता है और फ़िर उन्हें दूर करने के उपाय किए जाते हैं. इस मानक का नंबर है OHSAS 18001.

लालू प्रसाद ने अगर अपनी रेल में यदि यह सिस्टम लगाया गया होता तो रेल स्टाफ और यात्रियों को इस की पूरी जानकारी दी गई होती और उन्हें किसी भी इमरजेंसी में कैसे और क्या करना है इस के लिए भी ट्रेनिंग दी गई होती. पूरी सम्भावना थी कि इस के कारण यह दुर्घटना होने से बच जाती, और बच जाती नागरिकों की जान और राष्ट्र की संपत्ति.

रेल मंत्रालय / रेल मंत्री ने अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की और इतने निर्दोष यात्रिओं की जान गई. अब इन्हें कोई सजा दे पायेगा इस में तो पूरा संदेह है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही कह चुका है कि सरकार और बाबुओं को तो अब भगवान् भी ठीक नहीं कर सकते.