साझा (काला) धन खेलों के आयोजन के नाम पर दिल्ली की जनता को जिस प्रकार हैरान-परेशान किया जा रहा है वह दिल्ली सरकार के लिए अत्यंत शर्म की बात है. दिल्ली के कुछ इलाकों को देख कर तो ऐसा लगता है जैसे वहां हवाई हमला हुआ हो. यह और बात है की दिल्ली सरकार और काला धन खेल आयोजन समिति के मालिक शर्मसार होने के बजाय गर्व अनुभव कर रहे हैं. जनता के हजारों करोड़ रूपए जिस बेदर्दी से खर्च किये गए हैं और इन लोगों की जेब में गए हैं, वह राष्ट्र और जनता के प्रति एक भयंकर अपराध है. लेकिन उन्हें इस अपराध की सजा नहीं मिलेगी. खेलों के बाद सब रफा-दफा कर दिया जाएगा और इन बेईमानों को पुरुस्कार पदक दे दिए जायेंगे.संलग्न चित्र पर आप क्लिक करें तो पायेंगे कि अब दिल्ली की मुख्य मंत्री कह रही हैं कि इन्द्र देवता उनसे नाराज हैं. यथार्थ तो यह है कि इंद्र देवता उनसे बहुत खुश हैं. दिल्ली में वारिश करा कर उन्होंने मुख्य मंत्री को एक और बहाना बनाने का मौका दे दिया है. दिल्ली के नागरिक इन 'बहाना मुख्य मंत्री' द्वारा इतने प्रताड़ित किये गए हैं कि अब किसी और किसी प्रताड़ना का कुछ असर नहीं होता. बेबस वह बस इस का इन्तजार कर रहे हैं कि कब इस प्रताड़ना का अंत होगा.